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Posted by arpit on August 30, 2017
Category : Religion-Dharam | Tags : # गुरमीत राम रहीम # एम. नारायण # सीबीआई # मनमोहन सिंह | Views : 34

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर रेप का आरोप साबित हो गया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है. मगर इस बीच केस की जांच में शामिल रहे अधिकारी ने बड़ा खुलासा किया है.

सीबीआई के रिटायर्ड डीआईजी एम. नारायण ने खुलासा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर इस केस को लेकर राजनीतिक दबाव बनाया गया गया था. उन्होंने बताया कि हरियाणा-पंजाब के कुछ सांसदों ने मनमोहन सिंह पर दबाव बनाने की कोशिश की थी.

'मनमोहन ने दिया फ्री हैंड'

गुरमीत केस के मुख्य जांच अधिकारी रहे एम. नारायण ने ये भी बताया कि राजनीतिक प्रेशर के बावजूद मनमोहन सिंह सीबीआई के साथ खड़े रहे और उन्होंने जांच टीम को फ्री हैंड दिया.

एक इंटरव्यू में एम. नारायण ने बताया कि पॉलिटिकल प्रेशर बढ़ने के बाद पूर्व पीएम ने तत्कालीन सीबीआई चीफ विजय शंकर को तलब किया था. उन्होंने इस मामले पर सीबीआई चीफ से चर्चा की. एम. नारायण के मुताबिक पीड़ितों का बयान देखने के बाद मनमोहन सिंह ने सीबीआई को अपनी जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.

इससे पहले गुरमीत की सजा का ऐलान होने के बाद एम. नारायण ने खुलासा किया था कि 2002 के बाद से उन पर डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों समेत कई लोगों की तरफ से गुरमीत राम रहीम के खिलाफ केस को गिराने का दबाव पड़ा था. उन्होंने बताया कि राम रहीम के खिलाफ जांच में 15 साल के दौरान कई बार हार और जीत का सामना करना पड़ा.

बता दें कि रेप केस में दोषी पाए जाने के बाद गुरमीत राम रहीम जेल में बंद हैं. उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई है.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर रेप का आरोप साबित हो गया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है. मगर इस बीच केस की जांच में शामिल रहे अधिकारी ने बड़ा खुलासा किया है.

सीबीआई के रिटायर्ड डीआईजी एम. नारायण ने खुलासा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर इस केस को लेकर राजनीतिक दबाव बनाया गया गया था. उन्होंने बताया कि हरियाणा-पंजाब के कुछ सांसदों ने मनमोहन सिंह पर दबाव बनाने की कोशिश की थी.

'मनमोहन ने दिया फ्री हैंड'

गुरमीत केस के मुख्य जांच अधिकारी रहे एम. नारायण ने ये भी बताया कि राजनीतिक प्रेशर के बावजूद मनमोहन सिंह सीबीआई के साथ खड़े रहे और उन्होंने जांच टीम को फ्री हैंड दिया.

एक इंटरव्यू में एम. नारायण ने बताया कि पॉलिटिकल प्रेशर बढ़ने के बाद पूर्व पीएम ने तत्कालीन सीबीआई चीफ विजय शंकर को तलब किया था. उन्होंने इस मामले पर सीबीआई चीफ से चर्चा की. एम. नारायण के मुताबिक पीड़ितों का बयान देखने के बाद मनमोहन सिंह ने सीबीआई को अपनी जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.

इससे पहले गुरमीत की सजा का ऐलान होने के बाद एम. नारायण ने खुलासा किया था कि 2002 के बाद से उन पर डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों समेत कई लोगों की तरफ से गुरमीत राम रहीम के खिलाफ केस को गिराने का दबाव पड़ा था. उन्होंने बताया कि राम रहीम के खिलाफ जांच में 15 साल के दौरान कई बार हार और जीत का सामना करना पड़ा.

बता दें कि रेप केस में दोषी पाए जाने के बाद गुरमीत राम रहीम जेल में बंद हैं. उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई है.

 




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