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Posted by arpit on October 14, 2017
Category : News | Tags : # अरविंद केजरीवाल # नीली वेगन आर # वंदना | Views : 22

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चोरी हुई बहुचर्चित नीली वेगनआर कार आखिरकार बरामद कर ली गई है.  गाजियाबाद पुलिस ने यह कार मोहननगर से बरामद किया. पुलिस को कार के अंदर से एक तलवार भी मिली है.

चोर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बहुचर्चित नीली वैगनआर कार पर ही गुरुवार को हाथ साफ कर दिया था. वह भी दिल्ली सचिवालय के बाहर से. हैरानी की बात यह थी कि चोर दिनदहाड़े मुख्यमंत्री दफ्तर के बाहर से ही कार ले उड़ा और सुरक्षा के सारे इंतजाम धरे रह गए. चोरी की ये वारदात गुरुवार दोपहर दो बजे के आसपास हुई. चोरी की रिपोर्ट आईपी स्टेट थाने में दर्ज कराई गई थी.

इसके बाद पुलिस दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कार की तलाश में मेरठ तक पहुंच गई थी. आपको बता दें कि मेरठ का सोतीगंज बाजार चोरी की गाड़ियों को तोड़कर और उनके पुर्जे अलग-अलग करने के लिए बदनाम है.

यह  नीली वेगनआर कार काफी खास है. अरविंद केजरीवाल इसी कार पर सवार होकर पहली बार शपथ लेने के लिए रामलीला मैदान गए थे. केजरीवाल की कार की तलाश में पुलिस ने दिल्ली एनसीआर तक में गहन चेकिंग अभियान चला रखा था. हर वैगन आर कार की जांच हो रही थी. हालांकि पुलिस को पहले शक था कि कार मेरठ पहुंच गई है, मेरठ के बाजार में बड़ी तादाद में एनसीआर से चोरी होने वाली गाड़ियों के पुर्जे अलग किए जाते हैं.

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता वंदना सिंह इस कार को लेकर सचिवालय किसी काम से आई थीं. आमतौर पर कार की एंट्री सचिवालय के अंदर हो जाती थी और कार अंदर ही पार्क होती थी, लेकिन वंदना के मुताबिक गुरुवार को किसी वजह से कार का पास नहीं बन पाया, इसीलिए उसे उन्होंने गेट नंबर 6 और 8 के बीच सड़क किनारे ही पार्क कर दिया गया था.

थोड़ी देर बाद वंदना लौटीं, तो कार वहां से गायब थी. आसपास तलाश किया, लेकिन कार कहीं नहीं मिली. इसके बाद आईपी स्टेट पुलिस थाने में सूचना दी गई. पहले संभावना जताई गई कि कहीं कार को ट्रैफिक पुलिस नो पार्किंग की वजह से टो करके न ले गई हो, लेकिन कार जब वहां भी नहीं मिली, तो चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

डीएल-3-सीजी 9769 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली नीले कलर की ये कार 2013 में उस वक्त चर्चा में आयी थी, जब केजरीवाल पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे. केजरीवाल ने आम आदमी और सादगी को अपनी पहचान बनाया था और चुनाव प्रचार में वो इसी कार का इस्तेमाल करते थे, इसी वजह से इस कार की पहचान भी आम आदमी की कार के तौर पर बन गई थी.

सीएम बनने के बाद भी केजरीवाल ने कुछ दिन इसका इस्तेमाल किया. कार एक तरह से केजरीवाल के लिए लकी मस्कट बन गई. केजरीवाल जब सीएम के तौर पर सरकारी गाड़ी में चलने लगे, तो उन्होंने ये कार पार्टी के हवाले कर दी और अब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इसका इस्तेमाल कर रहे थे. चोरी के पहले पार्टी की कार्यकर्ता वंदना सिंह इस कार को इस्तेमाल कर रही थीं.




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